Tuesday, 5 June 2012

संसद में खेलों तक ही सीमित न रहें सचिन : गावस्कर

                                                                      


नई दिल्ली: पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर को भारतीय संसद में अपनी नई पारी के दौरान केवल खेलों से जुड़े मसलों को ही उठाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए और उन्हें आम आदमी से जुड़े मसलों के लिए भी कार्य करना चाहिए। तेंदुलकर ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद कहा था कि वह केवल क्रिकेट नहीं, सभी खेलों के लिए काम करेंगे।

गावस्कर ने हालांकि कहा है कि तेंदुलकर को इस बड़े मंच का उपयोग उन मसलों को उठाने के लिए भी करना चाहिए जो खेलों से नहीं जुड़े हैं। गावस्कर ने कहा, ‘‘मेरे विचार में उन्हें केवल खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। वह और उनकी पीढ़ी के लोग क्या सोचते हैं यह उन मसलों को उठाने का बहुत अच्छा मौका और बेहतरीन मंच है। उन्हें वह मसले उठाने चाहिए जिनके बारे में उन्हें लगता है कि उनसे देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह इस बारे में कैसे सोचते हैं यह उन पर निर्भर है लेकिन जैसा मैंने कहा कि यह बहुत अच्छा है और यदि वह भारत को देश के रूप में आगे बढ़ाने में इसका उपयोग कर सकता है तो यह बहुत अच्छा होगा।’’

इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘यदि आपके साथ सचिन जैसे ईमानदार और विश्वसनीय व्यक्ति हैं तो उनका आम जिंदगी से जुड़ना देश के लिए अच्छा है। मुझे उम्मीद है कि सचिन राज्यसभा में अपनी पारी भी वैसे ही आगे बढ़ाएंगे जैसे कि वह टेस्ट मैचों में खेलते हैं। शुरू में रक्षात्मक और बाद में अपने शॉट खेलना।’’

गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, ‘‘वह खेलों से जुड़े मसलों से शुरुआत कर सकते हैं और फिर खेलों से इतर जुड़े ऐसे मसलों को उठा सकते हैं जो कि आम आदमी से जुड़े हों और जिनसे आम आदमी खुश हो सकता है। जब सचिन बोलेंगे तो सभी सुनेंगे। यह जिम्मेदारी होती है और वह ऐसा करने में सक्षम हैं।’’

गावस्कर को विश्वास है कि तेंदुलकर के नामांकन का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने पहले ही स्पष्टीकरण दे दिया है कि वह किसी पार्टी के पास नहीं गए थे। उन्होंने क्रिकेट के क्षेत्र में बेजोड़ उपलब्धियों के लिए नामांकित किया गया है।’’

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