Thursday, 14 June 2012

Presidential polls: Mamata to skip UPA meeting, says Kalam is her candidate The writer has posted comments on this article

NEW DELHI: Unfazed by Congress rejection of her three candidates, Trinamool Congress chief Mamata Banerjee today said former President A P J Abdul Kalam is her nominee for the Presidential poll.


"We are for Kalam," Banerjee told PTI when asked whether she would support Finance Minister Pranab Mukherjee or Vice President Hamid Ansari, believed to be the two first and the second choices of the Congress.


Her party MP Kunal Ghosh went a step further, saying if Congress fields Mukherjee or Ansari, Trinamool will "contest" the election with Kalam as its nominee. "I can visualise a contest if Congress goes ahead with the names of Pranab Mukherjee or Hamid Ansari...If Congress names either Pranab Mukherjee or Ansari, then TMC will contest... Trinamool Congress or Samajwadi Party then may go with A P J Abdul Kalam," he said.


Trinamool Congress, which has teamed up with Samajwadi Party, floated the names of Kalam, along with Prime Minister Manmohan Singh and former Lok Sabha Speaker Somnath Chatterjee yesterday as a counter to UPA's nominee.


Congress today rejected their candidature.
At the same time, Mamata made it clear that she would not quit the UPA of her own or topple the government, Ghosh said. He claimed that Mamata had not breached any trust by disclosing the names of Mukherjee and Ansari discussed with her by Sonia Gandhi yesterday, saying that it was done with the "consent" and "permission" of the Congress chief. "Yesterday Mamata had gone to meet Sonia Gandhi to discuss Presidential candidate and after the discussion Mamata asked Sonia whether she could disclose (names) to media standing outside.... And Sonia gave her the consent. That is what exactly she did," Ghosh said.


He went on to claim that Mamata "took permission" of Gandhi on disclosing the names discussed at their meeting.


Meanwhile, the Trinamool Congress chief she would not attend Friday's UPA meeting on deciding a presidential candidate. "I am not here (tomorrow Friday) as I had said that I will wait for 26 hours and I am returning after meeting (Samajwadi Party chief)Mulayam Singh (Yadav)," she told reporters ahead of the meeting

Sunday, 10 June 2012

आईपीएस हत्याकांड: मनोज गुर्जर सीबीआई हिरासत में

                                            
 

अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी नरेंद्र कुमार की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या करने के मुख्य आरोपी मनोज गुर्जर को जिला न्यायालय ने तीन दिन के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया.
मुरैना के बानमोर में तैनात आईपीएस अधिकारी नरेंद्र कुमार की होली के दिन टैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी. राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सहमति दे दी है.
सीबीआई का दल पिछले तीन दिनों से मुरैना में है और वह मौका मुआयना करने के अलावा कई अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा भी कर चुका है. इसी क्रम में सीबीआई ने जिला न्यायालय में आवेदन कर आरोपी मनोज को रिमांड पर देने की मांग की. आवेदन को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने गुर्जर को तीन दिन के लिए सीबीआई को सौंप दिया है.


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आईपीएस नरेंद्र कुमार की हत्या के पीछे खनन माफिया नहीं: सीबीआई

                                                          


मध्यप्रदेश में युवा आईपीएस अफसर नरेंद्र कुमार के कथित हत्याकांड में एक अदालत में आरोप पत्र पेश करते हुए सीबीआई ने अहम खुलासा या कि यह मामला हत्या का नहीं, बल्कि गैर इरादतन हत्या का है.
सूबे के सियासी माहौल को गरमाने वाली इस सनसनीखेज वारदात के पीछे जांच एजेंसी को खनन माफिया या राजनीतिक बिरादरी की संदिग्ध साजिश का कोई सबूत नहीं मिला है.
प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमन श्रीवास्तव के सामने हत्याकांड के इकलौते आरोपी मनोज गुर्जर के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र में सीबीआई की जांच के नतीजों से परदा उठा.
सीबीआई ने गुर्जर के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), धारा 353 (सरकारी कारिंदे को अपने कर्तव्य से डिगाने के लिये आपराधिक बल प्रयोग) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 181 (सहपठित धारा 3) के तहत आरोप लगाये हैं.
गुर्जर पर आरोप है कि उसने मुरैना जिले में आठ मार्च को ट्रैक्टर ट्रॉली से कुमार को कुचल दिया, जब वर्ष 2009 बैच के आईपीएस अफसर ने उसे पत्थर से लदा वाहन रोकने को कहा था.
खनिज माफिया के इशारे पर कुमार की हत्या के आरोपों को लेकर मचे सियासी बवाल के फौरन बाद प्रदेश सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी.
आईपीएस अफसर की विधवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की अधिकारी मधुरानी तेवतिया ने भी कथित हत्याकांड के बाद मांग की थी कि प्रकरण की जांच सीबीआई से करायी जानी चाहिये.


'मोदी PM उम्मीदवार, तो आडवाणी से सहानुभूति'

                                      

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने शनिवार को कहा कि यदि गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाता है तो कांग्रेस को इसमें कोई समस्या नहीं होगी.
सिंह ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि यदि भाजपा द्वारा 2014 में होने वाले लोकसभा चुनावों में मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाता है तो मेरी सहानुभूति लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के साथ रहेगी.
एक प्रश्न के उत्तर में सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय जोशी के साथ भी सहानुभूति व्यक्त की जिनके मोदी के साथ अच्छे संबंध नहीं रहे.
सिंह ने कहा कि जोशी को पहले सी. डी कांड में फंसाया गया और उसके बाद भी भाजपा में उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं हुआ.
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में सिंह ने जोशी को कांग्रेस में लिये जाने से इंकार किया. उन्होने कहा कि संजय जोशी को कांग्रेस में लेने का सवाल ही नहीं है.


Saturday, 9 June 2012

20 करोड़ का फ्लैट खरीद सलमान ने किया ब्‍लैक मनी को व्हाइट!


अभिनेता सलमान खान बाजार भाव से करीब 6 गुने अधिक कीमत पर बांद्रा इलाके में फ्लैट खरीद कर विवाद में फंस गये हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी वाय.पी. सिंह ने सलमान पर बिल्डर के साथ मिलकर नॉन एफएसआई घोटाला करने का आरोप लगाया है।

सिंह ने गुरुवार को मराठी पत्रकार संघ में प्रेस कांफ्रेंस लेकर आरोप लगाया कि सलमान खान ने बांद्रा (प.) स्थित बुलोक कार्ट रोड पर ‘दी एड्रेस’ इमारत में 1079 वर्ग फुट का जो फ्लैट खरीदा है। उसके लेन-देन में मनी लॉन्ड्रींग हुई है।

उन्होंने बताया कि सलमान ने ‘दी एड्रेस’ इमारत में 1,80,000 रुपये वर्गफुट के हिसाब से 1079 वर्ग फुट का फ्लैट ख्ररीदा है। इस फ्लैट के लिए उन्होंने करीब 20 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि अदा की है जबकि ‘दी एड्रेस’ इमारत में फ्लैट 20 से 30 हजार रुपये वर्गफुट से हिसाब से बिक रहे हैं।

सिंह ने आरोप लगाया है कि बहुत संभव है कि सलमान ने किसी के ब्लैक मनी को वाइट करने के मकसद से करीब 4 करोड़ रुपये के फ्लैट के लिए 6 गुना अधिक यानी 20 करोड़ रुपये चुकाये हैं।

लिहाजा पुलिस को इस पूरे लेन-देन की बारीकी से जांच करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया है कि सलमान और बिल्डर ने सांठगांठ करके गार्डन, स्विमिंग पूल आदि नॉन एफएसआई एरिया की खरीद-फरोख्त करने के घोटाले को अंजाम दिया है।

सीआरजेड कानून का हुआ उल्लंघन
पूर्व आईपीएस अधिकारी वाय.पी. सिंह ने अभिनेता सलमान खान पर आरोप लगाने के साथ साथ ‘दी एड्रेस’ इमारत का निर्माण करने वाले समुद्रा डेवलपर भी तोहमत मढी है। उन्होंने बताया कि ‘दी एड्रेस’ इमारत का निर्माण 9 हजार वर्गफुट जमीन पर हो रहा है।

कोस्टल रेग्युलेटरी जोन (सीआरजेड) के नियमानुसार इस इमारत की ऊंचाई सिर्फ चार या पांच मंजिला होनी चाहिए, परंतु नियमों का उल्लंघन करते हुए इसे 80 मीटर ऊंचा यानी करीब 28 मंजिला बनाई जा रही है। लगे हाथ सिंह ने ‘दी एड्रेस’ इमारत के निर्माण के लिए दी गई जीआरजेड की अनुमति में भी गड़बड़झाला होने की बात कही है।
 

फिल्म के सेट पर आ धमका खूंखार चीता, मच गया हड़कंप

                                                                   विशाल भारद्वाज की फिल्म  ‘एक  डायन’ के सेट पर शुक्रवार को एक खास मेहमान बिन-बुलाए ही पहुंच गया। उसके पहुंचते ही सेट पर हड़कंप मच गया।

दरअसल फिल्म सिटी में लगे सेट पर कहीं से एक चीता आ गया और अफरा-तफरी मच गई। बहुत देर तक हुए हंगामे के बाद फॉरेस्ट अफसरों ने चीते को काबू में किया। सेट पर मौजूदा सूत्र के मुताबिक ‘पहले तो चीते पर किसी की नजर ही नहीं गई।

चीता डायरेक्टर कन्नन अय्यर के बहुत करीब पहुंच गया था। कोंकणा सेन, कल्की और इमरान इस दिन शूटिंग नहीं कर रहे थे। चीते को सामने देख सब भाग गए।

सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद फॉरेस्ट अधिकारियों को फोन किया गया और उन्होंने आकर हालात संभाले। यह किस्सा जब इमरान को सुनाया तो उन्होंने मजाक में कहा ‘वह डायन से मिलने आया होगा!’

 

Baba Ramdev threatens to launch agitation from August 9

ChandigarhYoga guru Baba Ramdev has threatened to launch a mass agitation from August 9 if the UPA government did not take effective steps for establishment of a strong Lokpal and bringing back black money stashed abroad.

"The government is not taking result-oriented steps to bring back black money. It is also not doing enough for setting up an effective Lokpal to rein in corruption. They will have to do these two things. Otherwise on August 9, we will launch a stir with support of crores of people of this country," Baba Ramdev said.

The date announced coincides with Quit India movement which was launched on August 9, 1942.

"We will only relent when the black money will come back and the country gets a strong Lokpal. Otherwise, I am ready to pay with my life," he said in Chandigarh.

The August 9 stir would be "100 times bigger" than what the country witnessed at Ram Lila ground, Baba Ramdev said.

"It will be a fight to the finish, a decisive battle. I can only say we will fight even if we have to give up our life for the nation and its people."

The yoga guru went round the Rock Garden, made of common household and other waste material, and met its creator Nek Chand.

Earlier, the Yoga guru had a meeting with Punjab Chief Minister Parkash Singh Badal.

Lashing out at the UPA government, Baba Ramdev said, "It is not taking effective steps to bring back black money. Not a single rupee will come back from the steps the government is taking."

He said the treaties which India had with other nations would not help in bringing back black money.

On coal block allocation, Baba Ramdev said, "50 billion tonnes of coal were given at throwaway prices to some private companies. This amounts to deceiving the country."

On the functioning of CBI, he said, "Barring one or two occasions, the CBI has worked as a puppet of the government."

"The ruling party uses the CBI to terrorise opposition leaders. Till it is made completely free, no probe carried by it can be fair."

On his meeting with Nek Chand, Baba Ramdev said, "I have travelled around the world from Japan to Middle East to Europe, but Nek Chand has done special work."

Chief Minister Badal assured full support to Baba Ramdev on his proposed stir from August 9 to bring back black money stashed abroad.

Interacting with mediapersons along with the yoga guru, Mr Badal said the Centre had hardly taken any step to bring the black money which could be utilised for funding welfare schemes for the poor.

The SAD patriarch told Baba Ramdev that his party MPs would take up the issue in the upcoming session of Parliament.

Baba Ramdev has been on a politician-meeting spree for the last one week including members of both the ruling alliance and the Opposition.

UP health scam: 18 senior doctors suspended

Lucknow: The Uttar Pradesh government has suspended 18 senior government doctors who are the under the Central Bureau of Investigation (CBI) scanner for their alleged role in the National Rural Health Mission (NRHM) scam.

Doctors of ranks as high as Chief Medical Officers (CMOs), deputy CMOs and additional CMOs are a part of these suspended doctors.

More than 100 government doctors across the state are under the CBI scanner for their alleged role in the Rs. 5000 crore NRHM scam.

In 2005, the UPA government launched the National Rural Health Mission Scheme. Huge amounts of money were to be sent to states to provide accessible and affordable health care to the poorest families in remote regions. The government's auditor has said that more than half of 8500 crores sent by the Centre to UP (from 2005 to 2011) have been embezzled.

The large scale bungling in the centrally funded programme involved not only heavy over-invoicing, but even fake supply of medicines and hospital equipment by fictitious firms as well as huge kickbacks in construction activity undertaken with a view to improving the available health services in government-run primary health centres in rural areas.

The scam saw corrupt bureaucrats and politicians siphoning away crores meant to improve health facilities. It was birthed in the Family Welfare department in Mayawati's government, which handled the huge funds sent by the Centre for the NRHM Scheme. Mr Kushwaha was sacked by Mayawati in April last year after the murders of three chief medical officers forced the government to acknowledge the deep-rooted graft in his department.

Two senior doctors affiliated to the department were murdered; another was found dead in a Lucknow jail in mysterious circumstances. In January, an officer with the UP Jal Nigam committed suicide allegedly because he was being investigated for his role in the scam.  

The Allahabad High Court has ordered the CBI to investigate the trio of deaths and the swindle entrenched in the department. Former Chief Minister Mayawati, however, described the investigation into the swindle, and its findings, as a political conspiracy against her.

निर्मल बाबा का यस बैंक में 1 खाता बंद




अपने भक्‍तों पर अनोखे तरीके से 'कृपा' बरसाने वाले निर्मल बाबा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं.
निर्मल बाबा का यस बैंक में 1 खाता बंद हो गया है. हिंदी दैनिक 'प्रभात खबर' के मुताबिक, पैसे में कमी की वजह से निर्मल बाबा का खाता बंद हुआ है.
जानकारी के मुताबिक, निर्मल बाबा के दूसरे बैंकों के खातों की संख्‍या में भी कमी आई है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्‍या निर्मल बाबा के खिलाफ अब आर्थिक मुसीबतें भी सिर उठा रही हैं?
दूसरी ओर, दिल्‍ली में जून में तय निर्मल बाबा के 4 समागम रद्द होने के बावजूद कुछ लोग समारोह स्‍थल पर पहुंच रहे हैं. इनमें से कुछ निर्मल बाबा से मुलाकात के इरादे से पहुंच रहे हैं, तो कुछ रद्द समागम के पैसे वापस चाहते हैं.
बहरहाल, निर्मल बाबा से जुड़े मामलों के नतीजों की ओर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं.

Wednesday, 6 June 2012

बोल इंडिया बोल: फिल्‍मों में जाएंगे सचिन, इन 5 कारणों से नहीं बनना चाहिए था सांसद?

                                                                                     



नीता और मुकेश अंबानी ने क्रिकेटर और अब राज्‍यसभा सांसद सचिन तेंडुलकर और उनके परिवार के लिए रविवार को विधु विनोद चोपड़ा की आने वाली फिल्‍म फेरारी की सवारी का खास शो रखा था। इसके साथ ही बॉलीवुड और क्रिकेट की दुनिया में यह अफवाह भी जोरों पर है कि पिच, संसद के बाद अब सचिन बॉलीवुड में भी किस्‍मत आजमा सकते हैं। तो क्‍या सचिन बतौर सांसद सफल साबित हो पाएंगे और क्‍या उन्‍होंने सांसद बन कर गलती की?



बल्‍ला बोलता है, खुद खामोश रहते हैं

सचिन ज्‍यादा बोलते नहीं हैं। मैदान पर उनका बल्‍ला बोलता है, पर वह अपना मुंह बहुत कम खोलते हैं।किसी विवादित मसले पर तो और भी कम। मैच फिक्सिंग जैसे मुद्दे पर भी उन्‍होंने अब तक दो बार ही मुंह खोला है। एक बार दक्षिण अफ्रीका के न्‍यूज चैनल पर तो दूसरी बार, एक पत्रिका में।



मीडिया को देने वाले इंटरव्यू में सचिन सिर्फ उनके पीआर से अप्रूव प्रश्‍नों का ही जवाब देते हैं। सामाजिक जीवन में सक्रिय शख्‍स को हर बड़े मुद्दे पर खुल कर अपनी राय देनी चाहिए। जैसे आमिर खान, नर्मदा बचाओ आंदोलन से लेकर गुजरात दंगे जैसे मुद्दों पर खुल कर बोलते हैं। संसद में भी अगर सचिन की खामोशी जारी रही, तो फिर क्‍या फायदा?



कई कंपनियों के ब्रांड अंबेसडर

सचिन कई कंपनियों के ब्रांड अंबेसडर हैं। इनमें से कुछ कंपनियां विवादित भी हैं। जैसे कोका कोला। कोका कोला को लेकर देशभर आंदोलन होते रहते हैं। केरल से लेकर बनारस और जयपुर में कई आंदोलन अभी भी चल रहे हैं। ऐसे में राज्‍यसभा में जब ऐसी कंपनियों पर सवाल उठाए जाएंगे, तो सचिन की भूमिका संदेह से परे कैसे रह पाएगी, यह देखना होगा।




क्रिकेट या देश सेवा

सचिन की पहचान सिर्फ एक क्रिकेटर के तौर पर ही है। उन्‍होंने कह दिया है कि वह क्रिकेट खेलते रहेंगे। इसके अलावा वह विज्ञापन भी करते हैं और अब चर्चा फिल्‍मों में काम करने की भी है। ऐसे में संसद को कितना समय दे पाएंगे?



निजी हित बनाम जनहित

क्रिकेट से जुड़ी सचिन की हर उपलब्धि को देश से जोड़ कर देखा जाता रहा है, लेकिन वह कई बार निजी फायदे की बातें करते हुए भी पाए गए हैं। फेरारी कार पर टैक्‍स छूट मांगने का मामला हो या बिना नो ऑब्‍जेक्‍शन सर्टिफिकेट लिए बंगले में प्रवेश का मामला हो, ऐसा कई बार लगा कि सचिन निजी हितों को ज्‍यादा तरजीह दे रहे हैं।




लगेंगे दाग

 राजनीति कोयले की खान की तरह होती है। यदि आप इसमें आएंगे तो कालिख लगनी तय है। आरोप लगेंगे और आपको सफाई भी देनी होगी। अभी तक सचिन कभी भी विवादों में नहीं फंसे हैं लेकिन राज्‍यसभा में नॉमिनेशन के दिन से ही उन पर कांग्रेस का करीबी होने का आरोप लगने लगा है।आगे भी सचिन की कमीज पर ऐसे कई दाग लगेंगे, जिसके लिए उन्‍हें तैयार रहना चाहिए।



जीवन में फिर नहीं दिखेगा यह नजारा, सूरज के माथे पर शुक्र की बिंदी




सूर्य पर शुक्र का ग्रहण खत्‍म हो गया है। अब ऐसा नजारा 105 साल बाद देखने को मिलेगा। इसे सदी की सबसे बड़ी खगोलीय घटना माना जा रहा है। भारत सहित पूरी दुनिया में लोगों ने इसका नजारा देखा। आसमान में बादलों के चलते कई जगहों पर इसे देखने में दिक्‍कत भी आई।

आज तड़के शुक्र ग्रह सूर्य और पृथ्वी के बीच आ गया। देश के कई तारामंडलों में इस घटना को दिखाने की व्‍यवस्‍था की गई थी। इस घटना को लाइव देखने की भी व्‍यवस्‍था की गई। नासा की वेबसाइट पर भी शुक्र के पारगमन की लाइव कवरेज दिखाई गई। इस घटना को लेकर लोग जबरदस्त उत्साहित रहे तो वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश में हैं कि शुक्र ग्रह से छन कर आने वाली रोशनी का क्या असर होगा?

सूर्य पर शुक्र के ग्रहण की यह खगोलीय घटना अद्भुत है क्योंकि आज अगर आपने नहीं देखा तो कभी नहीं देख पाएंगे। पिछली बार ऐसा नजारा 8 जून 2004 को दिखाई दिया था।  शुक्र अपनी धुरी पर 243 दिनों में एक चक्कर पूरा करता है। अगला पारगमन 11 दिसंबर 2117 में होगा। इसके बाद दिसंबर 2125 और फिर 2246 में शुक्र पारगमन होगा।

भारत के अलावा यह घटना पूर्वोत्तर ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिलीपींस, उत्तर एशिया, पूर्वोत्तर चीन, कोरिया, जापान, पसिफिक महासागर, न्यू गुयाना, हवाई, रुस, अलास्का, उत्तर-पश्चिम कनाडा में दिखाई दी। सूर्योदय के साथ इसे खाड़ी, दुबई, सिंगापुर, मलेशिया एवं नेपाल में देखा गया।
 


Source: dainikbhaskar.com

Anna Hazare targets PM over coal blocks auction issue

                                                 


Mumbai: Anna Hazare has criticised  Prime Minister Manmohan Singh yet again over the auction of coal blocks during the period he held the coal portfolio. Mr Hazare said there was "room for suspicion" and that he does think the Prime Minister to be a clean and honest man who has to function by "remote control."

"The loss to the state exchequer is around Rs.2 lakh crore. The Prime Minister may not have directly benefited but the money has gone somewhere. There should be a probe by a retired judge," Mr Hazare said on Tuesday in Mumbai, where he arrived to resume his five-week Maharashtra state tour that started on May 1.

Mr Hazare also dismissed reports about differences in Team Anna and that yoga guru Baba Ramdev had snubbed his core team member Arvind Kejriwal at the joint rally Sunday in New Delhi."There were no differences over the issue of Baba Ramdev visiting BJP president Nitin Gadkari, and the yoga guru's disapproval of Kejriwal for naming the ministers in their rally in Delhi. There are no problems among us. The media is creating it," he said.

Replying to a query on why Team Anna is not moving court on the issue of corruption charges against 15 ministers, including the prime minister, the Gandhian social activist said by the time the judgment comes, the tenure of these ministers would end.

Mr Hazare has been on a state-wide tour of Maharashtra to create awareness about the need for a strong anti-corruption Lokayukta legislation in Maharashtra. The tour will end June 6.

MP में मानसून पूर्व बारिश की सम्भावना

                                                


केरल में मानसून के दाखिल होने के साथ ही मध्य प्रदेश में मानसून पूर्व बारिश के आसार बन गए है.
बीते दिन ग्वालियर में हुई बारिश ने काफी राहत दी है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि कई इलाकों में आगामी दिनों में बारिश हो सकती है. यह मानूसन की दस्तक नहीं, बल्कि मानसून पूर्व की बारिश होगी.
मंगलवार को दिल्ली के आसपास हुई बारिश का असर ग्वालियर में भी दिखा. यहां 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बारिश से यहां के लोगों ने रात को राहत महसूस की और पिछले दिनों के मुकाबले बीती रात कुछ कम गर्म रही.
एक तरफ जहां बारिश की उम्मीद जतायी जा रही है, वहीं धूप का असर और लू का कहर बना हुआ है. राज्य के अधिकांश इलाकों का अधिकतम तापमान अब भी 40 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है. राजधानी भोपाल का अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.

Tuesday, 5 June 2012

तय समय से पहले होम लोन चुकाने पर जुर्माना बंद

                                                          


रिजर्व बैंक ने मंगलवार को बैंकों से फ्लोटिंग ब्याज दर पर लिये गये आवास ऋण की समय से पहले वापसी में जुर्माना वसूलने पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने को कहा. समय से पहले आवास ऋण लौटाने वालों को इससे काफी राहत पहुंचेगी.
रिजर्व बैंक ने बैंकों को भेजे प्रपत्र में कहा, ‘यह निर्णय किया गया है कि बैंक को फ्लोटिंग ब्याज दरों पर लिये गये आवास कर्ज की समय से पूर्व वापसी पर जुर्माना वसूलने की अनुमति नहीं होगी. इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाता है.’
रिजर्व बैंक ने दामोदरन समिति की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि समय से पहले आवास ऋण की वापसी पर बैंकों द्वारा लिये जाने वाले जुर्माने को कर्जदार सही नहीं मानते और इसको लेकर उनमें नाराजगी है. केंद्रीय बैंक के अनुसार ऐसा पाया गया है कि बैंक घटती ब्याज दर की स्थिति में कम ब्याज दर का लाभ मौजूदा कर्जदारों को नहीं देते. ऐसे में समय से पहले आवास ऋण की वापसी पर जुर्माना कर्जदारों को सस्ते उपलब्ध साधन की ओर जाने से रोकता है.
रिजर्व बैंक ने कहा कि जुर्माना हटाये जाने से मौजूदा तथा नये कर्जदारों के बीच भेदभाव समाप्त होगा. साथ ही बैंकों के बीच प्रतिस्पर्धा से फ्लोटिंग दर पर कर्ज लेने वालों को लाभ होगा.
केंद्रीय बैंक के मुताबिक, ‘हालांकि कई बैंकों ने स्वैच्छिक रूप से समय से पूर्व कर्ज की वापसी पर जुर्माना समाप्त कर दिया है लेकिन कुछ बैंकों ने ऐसा नहीं किया है. अत: बैंकिंग प्रणाली में एकरूपता लाने की जरूत है. उल्लेखनीय है कि कुछ बैंक फिलहाल बकाये कर्ज की समय पूर्व वापसी पर एक से 2 प्रतिशत जुर्माना वसूलते हैं.

कन्‍नौज उपचुनाव: डिंपल यादव ने भरा पर्चा

                                   


यूपी के कन्‍नौज लोकसभा उपचुनाव के लिए मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव की पत्‍नी डिंपल यादव ने नामांकन दाखिल किया. उनके पति अखिलेश यादव ने तीन साल पहले लोकसभा की दो सीटें जीती थीं. पहली सीट उन्होंने फिरोजाबाद की छोड़ी, जिसे डिंपल हार गईं और दूसरी कन्नौज की सीट अखिलेश ने सीएम बनने के बाद छोड़ी है जहां से डिंपल उम्मीदवारी का पर्चा भरा है.
कन्नौज लोकसभा क्षेत्र के लिए 24 जून को उपचुनाव होने जा रहा है और बतौर समाजवादी पार्टी उम्मीदवार डिंपल चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है. अखिलेश इसी सीट से सांसद थे, लेकिन यूपी का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें कन्नौज की सीट छोड़नी पड़ी.
कन्नौज में कुल 5 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनके मतदाताओं से मिलने के लिए डिंपल यहां के.के. ग्राउंड में एक रैली भी की.
2009 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश ने फिरोजाबाद और कन्नौज की सीट जीत ली थी और बाद में फिरोजाबाद सीट को छोड़ दिया था. डिंपल ने उस वक्त खाली हुई फिरोजाबाद सीट से भी किस्मत आजमाई थी, लेकिन वे लोकसभा चुनाव हार गई थीं. उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर ने हराया था.


संसद में खेलों तक ही सीमित न रहें सचिन : गावस्कर

                                                                      


नई दिल्ली: पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर को भारतीय संसद में अपनी नई पारी के दौरान केवल खेलों से जुड़े मसलों को ही उठाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए और उन्हें आम आदमी से जुड़े मसलों के लिए भी कार्य करना चाहिए। तेंदुलकर ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद कहा था कि वह केवल क्रिकेट नहीं, सभी खेलों के लिए काम करेंगे।

गावस्कर ने हालांकि कहा है कि तेंदुलकर को इस बड़े मंच का उपयोग उन मसलों को उठाने के लिए भी करना चाहिए जो खेलों से नहीं जुड़े हैं। गावस्कर ने कहा, ‘‘मेरे विचार में उन्हें केवल खेलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। वह और उनकी पीढ़ी के लोग क्या सोचते हैं यह उन मसलों को उठाने का बहुत अच्छा मौका और बेहतरीन मंच है। उन्हें वह मसले उठाने चाहिए जिनके बारे में उन्हें लगता है कि उनसे देश को आगे बढ़ाया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह इस बारे में कैसे सोचते हैं यह उन पर निर्भर है लेकिन जैसा मैंने कहा कि यह बहुत अच्छा है और यदि वह भारत को देश के रूप में आगे बढ़ाने में इसका उपयोग कर सकता है तो यह बहुत अच्छा होगा।’’

इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘यदि आपके साथ सचिन जैसे ईमानदार और विश्वसनीय व्यक्ति हैं तो उनका आम जिंदगी से जुड़ना देश के लिए अच्छा है। मुझे उम्मीद है कि सचिन राज्यसभा में अपनी पारी भी वैसे ही आगे बढ़ाएंगे जैसे कि वह टेस्ट मैचों में खेलते हैं। शुरू में रक्षात्मक और बाद में अपने शॉट खेलना।’’

गावस्कर ने एनडीटीवी से कहा, ‘‘वह खेलों से जुड़े मसलों से शुरुआत कर सकते हैं और फिर खेलों से इतर जुड़े ऐसे मसलों को उठा सकते हैं जो कि आम आदमी से जुड़े हों और जिनसे आम आदमी खुश हो सकता है। जब सचिन बोलेंगे तो सभी सुनेंगे। यह जिम्मेदारी होती है और वह ऐसा करने में सक्षम हैं।’’

गावस्कर को विश्वास है कि तेंदुलकर के नामांकन का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने पहले ही स्पष्टीकरण दे दिया है कि वह किसी पार्टी के पास नहीं गए थे। उन्होंने क्रिकेट के क्षेत्र में बेजोड़ उपलब्धियों के लिए नामांकित किया गया है।’’

रणबीर फर्जी मुठभेड़: 11 पुलिसवालों का समर्पण

                                                                 

देहरादून में एमबीए के छात्र रणबीर सिंह के फर्जी मुठभेड़ मामले के आरोपी उत्तराखंड पुलिस के 18 जवानों में से 11 ने मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत के समक्ष समर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया.
आरोपी पुलिसकर्मियों ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश वीके माहेश्वरी के समक्ष समर्पण किया. इन लोगों के खिलाफ 2009 के फर्जी मुठभेड़ के मामले में इसी साल मई में गैर जमानती वारंट जारी किया गया था. अदालत ने कहा, ‘इन लोगों को हिरासत में लिया गया और फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.’
समर्पण करने वाले पुलिसकर्मियों में सतवीर सिंह, सुनील सैनी, चंदर पाल, सौरभ नौटियाल, नागेंद्र नाथ, विकास चंद्र बालूनी, संजय रावत, मोहन सिंह राणा, इंदर भान सिंह और मनोज कुमार (सभी कांस्टेबल) तथा देहरादून में पुलिस नियंत्रण कक्ष में प्रमुख ऑपरेटर जसपाल सिंह गोसाईं शामिल हैं.
सीबीआई ने इस मामले में कुल 18 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. मामले के अन्य आरोपी फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. गाजियाबाद के एमबीए के छात्र रणबीर को तीन जुलाई 2009 को अपने साथियों के साथ किसी अपराध की कोशिश करने के आरोप में मोहिनी रोड पर पकड़ कर गिरफ्तार करने के बाद कथित तौर पर गोली मार दी गई थी.
वर्ष 2009 में पहाड़ी राज्य को हिला देने वाले इस मामले में तत्कालीन पुलिस निरीक्षक संतोष जायसवाल, उप निरीक्षक गोपाल दत्त भट्ट, राजेश बिष्ट, नीरज कुमार, नितिन चौहान और चंद्र मोहन तथा कांस्टेबल अजीत सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए चार जुलाई की तारीख मुकर्रर की है.
इन 11 आरोपियों ने अदालत से यह भी गुहार लगाई कि इन्हें एक ही जेल में रखा जाए क्योंकि पुलिसकर्मी होने के कारण इन्हें अन्य कैदियों से खतरा है. अदालत ने इसकी इजाजत दे दी.
रणवीर के पिता रवींद्र सिंह के आग्रह पर उच्चतम न्यायालय ने इस मामले को दिल्ली स्थानांतरित कर दिया था. रवींद्र सिंह का आरोप है कि उनका बेटा नौकरी की तलाश में देहरादून गया था. वहां पुलिस ने डकैती में कथित संलिप्तता के बहाने उसे तीन जुलाई, 2009 को गिरफ्तार कर लिया.
उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दिन उनके 22 वर्षीय बेटे को 29 गोलियां मारी गईं और मुठभेड़ की कहानी गढ़ दी गई. सभी 18 पुलिस कर्मियों पर अपहरण, हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, सबूत नष्ट करने जैसे अपराधों के आरोप लगाए गए हैं.


Mamata magic wins four of six municipal bodies, but Haldia stays with Left


                                       
                    
Kolkata: The Mamata magic remains intact a year after she powered a historic victory against the Left in West Bengal and became the state's Chief Minister. Her Trinamool Congress has won four of the six civic bodies. However, the CPM held onto Haldia near Nandigram, which is being seen as a setback for Ms Banerjee. Cooper's Camp, traditionally a Congress stronghold, did not break its habit.

The Trinamool and the Congress, allies in the central and state governments, contested the civic elections separately. "This result proves Trinamool has enough strength to rule Bengal and to fight the next election alone,  according to their strength," said party leader Mukul Roy, who is also the country's Railways Minister.

These are the first elections in the state since Mamata Banerjee's Trinamool Congress ousted the Left, which had ruled for three decades, in a landslide victory in the 2011 Assembly elections.

Ms Banerjee's defeat in East Midnapore district's Haldia municipality may worry her party because of its proximity to Nandigram, where the Chief Minister had led many protests against the acquisition of land owned by farmers in the area. Her campaign against the then Left government's attempt to allow industry to develop this area was one of the major reasons for her blazing victory in the state elections last year.

The Trinamool has won the four municipalities of Durgapur, Panskura, Nalhati and Dhupguri.

The Trinamool snatched the Dhupguri municipality in the Jalpaiguri district in the north from the Left. This is a major gain for Ms Banerjee's party since the Left retained  the Dhupguri assembly seat last year despite losing the state.

The Trinamool also won Burdwan district's Durgapur Municipal Corporation, which the Left Front has lost for the first time in 15 years.

Ms Banerjee's party retained the Panskura municipality in East Midnapore district, and it triumphed in the Nalhati municipality in the Birbhum district. Embarrassing the Congress since Finance Minister Pranab Mukherjee's son, Abhijit, had campaigned here

केरल पहुंचा मॉनसून, तटीय इलाकों में झमाझम बारिश



दक्षिण पश्चिम मॉनसून केरल पहुंच चुका है. मौसम विभाग ने इस बात की पुष्टि की है. केरल के तटीय इलाकों में झमाझम बारिश भी हुई है और मॉनसून केरल से कर्नाटक की ओर बढ़ चुका है.
इससे पहले मौमस विभाग ने मॉनसून के 6 जून को केरल पहुंचने का अनुमान व्‍यक्‍त किया था. हालांकि राजधानी दिल्‍ली में मॉनसून के पहुंचने की तारीख को लेकर अभी कुछ स्‍पष्‍ट नहीं है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में मॉनसून के पहुंचने की सामान्य तारीख पहली जुलाई होती है. लेकिन अभी भविष्यवाणी करना आसान नहीं है और इसके लिए सही अनुमान, मुंबई और कोलकाता में मॉनसून पहुंचने के बाद ही लगाया जा सकेगा.
देश के हर शख्स को इंतजार है मॉनसून की घनघोर बारिश में धरती के तरबतर होने का. लेकिन इस बार भी बादलों ने लुकाछिपी का खेल शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के मुताबिक भारत में केरल के रास्ते मॉनसून प्रवेश करता है. आमतौर पर मॉनसून 1 जून को केरल में दस्तक देता है, लेकिन इस बार मौसम वैज्ञानिकों ने 5-6 जून तक मॉनसून के केरल पहुंचने की भविष्यवाणी की.
मॉनसून तो इस बार तय समय पर ही शुरू हुआ और अंडमान जा पहुंचा. लेकिन उसके बाद मॉनसून की हवाएं श्रीलंका पहुंचते पहुंचते थमने लगीं. इस वजह से 1 जून तक केरल पहुंचने की मौसम विभाग की भविष्यवाणी धरी की धरी रह गई. अब मॉनसून की हवाओं ने फिर जोर पकड़ा है और उम्मीद जताई जा रही है कि देश के बाकी हिस्सों में मॉनसून लेट नहीं होगा.
मौसम वैज्ञानिकों ने इस बार मॉनसून के वक्त पर आने की पक्की आहट सुनी थी. लेकिन कुदरत के बनते बिगड़ते खेल के आगे सारे अनुमान फेल हो गए. हाल ही में फिलीपींस में आए तूफान ने मॉनसून की सारी ताकत खींच ली. मॉनसून के हवाओं का जोर जाता रहा. लेकिन मौसम विभाग की मानें तो तपती गर्मी में दिल्ली और आसपास के इलाकों में राहत की छिटपुट बारिश होती रहेगी.


कानपुर: इनकम टैक्स कमिश्‍नर घूस लेते गिरफ्तार

                                      

कानपुर के इनकम टैक्स कमिश्नर कुणाल सिंह को सीबीआई ने घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है.
सीबीआई ने इनकम टैक्स कमिश्नर के अलावा अन्य छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्में इल्डेको कंपनी के एमडी पंकज बजाज शामिल हैं. बाकी चार लोगों में तीन इनकम टैक्स विभाग के ही छोटे अधिकारी हैं, जबकि एक सीए है. जांच एजेंसी ने इनकम टैक्स अधिकारियों को तब गिरफ्तार किया जब इल्डेको के एमडी इन्हें 30 लाख रुपये बतौर घूस दे रहे थे.
पंकज बजाज और कुणाल सिंह को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है, जबकि सीएम अनिल जैसवाल को कानपुर से धर दबोचा गया है. आयकर विभाग के तीन अन्य अधिकारी गाज़ियाबाद से गिरफ्तार किए गए.


निर्मल बाबा को हाईकोर्ट से मिली राहत

                                            


निर्मल बाबा को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से राहत मिली गई है. कोर्ट ने फिलहाल निर्मल बाबा की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.
निर्मल बाबा ने अपनी अर्जी में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ-साथ लखनऊ के गोमतीनगर में थाने में दर्ज केस खारिज करने की मांग की है. दरअसल, निर्मल बाबा के खिलाफ पिछले महीने लखनऊ के दो बच्चों ने गोमतीनगर थाने में केस दर्ज कराया था. उसी केस को खारिज करने की मांग करते हुए निर्मल बाबा ने कोर्ट में अर्जी लगा थी.
लखनऊ के आदित्य ठाकुर और तान्या ठाकुर नाम के दो स्कूली बच्चों ने 10 अप्रैल को गोमतीनगर थाने में निर्मल बाबा के खिलाफ शिकायत लगाई थी. 9 मई को लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने गोमतीनगर थाने को निर्मल बाबा के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था.
निर्मल बाबा पर आईपीसी की धारा 417, 419, 420 औऱ 508 के तहत केस दर्ज किया गया है धारा 417 के तहत किसी शख्स के साथ धोखाधड़ी और छल करके उसे संपत्ति देने के लिए प्रेरित करने का मामला बनता है और इसके तहत दोषी को सात साल की सजा होती है.
धारा 419 में अपने आपको दूसरा व्यक्ति बताकर छल करने पर कार्रवाई होती है. इसमे दोषी को सात साल की सजा का प्रावधान है. धारा 420 में धोखाधड़ी करके किसी की संपत्ति हड़पने का केस बनता है. इसके तहत भी अधिकतम सात साल तक की सजा हो सकती है. धारा 508 में किसी शख्स को ईश्वरीय भय दिखाकर धोखाधड़ी करने का मामला बनता है, जिसमें एक साल तक की सजा हो सकती है.
निर्मल बाबा के खिलाफ ये पहला मामला नहीं है. देश के कई और शहरों में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है. ऐसे में जाहिर सी बात है कृपा की जरूरत अगर इस वक्त किसी को है तो वो निर्मल बाबा ही हैं वरना संगीन धाराओं के तहत दर्ज केस उनकी मुश्किलें और बढ़ा सकती है.